केपी एस्ट्रोलॉजी
के.पी. ज्योतिष (KP Astrology): सटीक भविष्यवाणी की आधुनिक ज्योतिष पद्धति
के.पी. ज्योतिष, जिसे कृष्णमूर्ति पद्धति भी कहा जाता है, वैदिक ज्योतिष की एक आधुनिक और अत्यंत सटीक प्रणाली है। इस पद्धति की स्थापना स्वर्गीय प्रोफेसर के.एस. कृष्णमूर्ति ने की थी। के.पी. ज्योतिष घटना आधारित भविष्यवाणी के लिए जाना जाता है और यह “हाँ या नहीं” जैसे स्पष्ट उत्तर देने में सक्षम है।
के.पी. ज्योतिष क्या है?
के.पी. ज्योतिष पारंपरिक ज्योतिष से अलग एक वैज्ञानिक और तार्किक पद्धति है, जिसमें ग्रह, भाव और नक्षत्र के सब-लॉर्ड (Sub Lord) को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है। इस प्रणाली में अनुमान की बजाय नियमों और गणनाओं के आधार पर परिणाम निकाले जाते हैं।
के.पी. ज्योतिष के मुख्य सिद्धांत
नक्षत्र और उप-नक्षत्र प्रणाली
सब-लॉर्ड का विश्लेषण
भाव कुस्प (Bhava Cusps)
दशा-भुक्ति-अंतर दशा
ट्रांजिट (गोचर) का सटीक अध्ययन
इन सिद्धांतों के माध्यम से घटनाओं का समय और परिणाम बहुत स्पष्ट रूप से बताया जाता है।
के.पी. ज्योतिष की विशेषताएँ
सटीक और घटना आधारित भविष्यवाणी
विवाह, नौकरी, प्रमोशन, संतान, मुकदमे जैसे प्रश्नों में स्पष्ट उत्तर
“Yes / No” प्रकार के प्रश्नों में उपयोगी
समय निर्धारण (Timing of Events) में अत्यधिक प्रभावी
के.पी. ज्योतिष कैसे सहायता करता है?
के.पी. ज्योतिष की सहायता से व्यक्ति:
विवाह या प्रेम विवाह की संभावना जान सकता है
नौकरी, ट्रांसफर या प्रमोशन का समय समझ सकता है
व्यवसाय में सफलता या बदलाव का सही समय जान सकता है
कोर्ट-केस, प्रॉपर्टी और धन संबंधी मामलों में मार्गदर्शन पा सकता है
जीवन की अनिश्चितताओं में स्पष्ट निर्णय ले सकता है
के.पी. ज्योतिष का उद्देश्य
के.पी. ज्योतिष का मुख्य उद्देश्य अस्पष्ट भविष्यवाणियों से हटकर स्पष्ट, सटीक और समयबद्ध समाधान प्रदान करना है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय तथ्यों और गणनाओं के आधार पर लेना चाहते हैं।